Skip to main content

विश्व प्रसिद्द विवेकानंद शिला स्मारक, कन्याकुमारी  और स्वामी विवेकानंद के दिव्य विचार "मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है " एवं, राष्ट्रीय आदर्श "त्याग और सेवा" पर आधारित विवेकानन्द केंद्र  के संस्थापक माननीय एकनाथजी की जन्मशती  दिनांक १९ नवंबर २०१४ से १९ नवंबर २०१५ तक देश भर में, एक पर्व के रूप में, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की ८१३ शाखाओं द्वारा मनाई जा रही है. माननीय एकनाथजी की निर्भीकता, सत्य के प्रति अनूठी निष्ठां और कार्य प्रबंध की उनकी  अद्भुत योग्यता का परिचय पाकर भारत के " लौह पुरुष " सरदार बल्लभ भाई पटेल ने एकनाथजी को  "फौलादी पुरुष" की संज्ञा दी थी। विदित हो कि वर्ष भर मनाये जाने वाले माननीय एकनाथजी जन्मशती पर्व का औपचारिक उदघाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी द्वारा नई  दिल्ली के विज्ञानं भवन  में  दिनांक   ९ नवंबर २०१४ को किया गया है । दिनांक १९ नवंबर २०१४ से एक वर्ष तक समस्त देश में समाज के विभिन्न वर्गों विशेषकर यूवाओं के लिए अनेक कार्यक्रमों की योजना विवेकानंद केंद्र के मुख्यालय जो कि कन्याकुमारी में है, ने बनाई है।

इस अवसर पर, विवेकानंद केंद्र की जबलपुर शाखा ने दिनांक १९. नवंबर २०१४को सायंकाल ५ बजे महाराष्ट्र हायर सेकेंडरी स्कूल, राईट टाउन के प्रेक्षागृृह में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया. माननीय एकनाथजी के महान कार्यों पर संकलित पुस्तक "सफल युवा-युवा भारत" का विमोचन नगर के ख्याति प्राप्त  चिकित्सक एवं समाज सेवी डॉ जीतेन्द्र जामदार जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता थे , के कर कमलों से कराया गया। विवेकानंद केंद्र,जबलपुर के नगर सह संचालक श्री रवि नौग्रहिआ ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ख्यात चिकित्सक एवं समाज सेवी डॉ अखिलेश गुमाश्ता ने की। डॉ गुमाश्ता माननीय एकनाथ जयंती पर्व के जबलपुर विभाग पर्व प्रमुख है।

मुख्य अतिथि एवं  मुख्य वक्ता डॉ जामदारजी ने अपने उदबोधन  में माननीय एकनाथजी के जीवन से जुड़े संस्मरणों को विवेकानंद शिला स्मारक के निर्माण की पृष्टभूमि  से जोड़ कर संस्कारधानी से एकनाथजी के अभिन्न संबंधों का भी उल्लेख किया।

विभाग पर्व प्रमुख डॉ गुमाश्ताजी ने माननीय एकनाथजी द्वारा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और स्मृति पर निर्मित भव्य शिला  स्मारक की आध्यात्मिकता का उल्लेख करते हुए सभी से विवेकानंद केंद्र से जुड़ने और समाज में सेवा भाव को और भी अधिक प्रसारित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद  व एकनाथ जी की सहयोगी  श्रीमती जयश्री बनर्जी , श्रीमती कमला ताई रामदासी, श्री प्रशांत पोल , श्री एस एन समद्दर , श्री एवं श्रीमती सप्रे की विशेष उपस्थिति रहे।

Get involved

 

Be a Patron and support dedicated workers for
their YogaKshema.

Camps

Yoga Shiksha Shibir
Spiritual Retreat
Yoga Certificate Course

Join as a Teacher

Join in Nation Building
by becoming teacher
in North-East India.

Opportunities for the public to cooperate with organizations in carrying out various types of work