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Swasth aur Shikshit Kishori Desh Ka Bhavishya Haiविवेकानंद केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में किशोरी स्वास्थ्य शिविर आयोजित शिविर में शामिल में 136 स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दी बेहतर खान-पान की जानकारी बीना। विवेकानंद केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में 22 अप्रैल, 2017 शनिवार को किशोरी स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित शिविर में 136 किशोरी बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हे बेहतर स्वास्थ्य के लिए विशेषज्ञों ने जानकारियां दी। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड के मानव संसाधन विभाग के उपाध्यक्ष श्री विश्वास सक्सैना उपस्थित रहे। श्री विश्वास सक्सैना ने अपने व्याख्यान में कहा कि गांवों में पढाई छोड देती है, यह गलत है, हमें पढाई नहीं छोडनी चाहिए। यदि स्कूल कॉलेज जाने में समस्या हो तो निजी रूप से स्वाध्यायी छात्र के रूप में पढाई जारी रखें। वहीं इग्नू से भी पढाई कर सकती है। वहीं खान पान का भी विशेष ध्यान रखें।

कार्यक्रम में विवेकानंद केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकिस्ज्ञा अधीक्षक डॉ राजकुमर कयाल ने कहा कि किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए। जब आप स्वस्थ्य होंगी तो ही बेहतर समाज का निर्माण संभव है। अतः सबसे पहले अपने स्वास्थ्य और शिक्षा का ध्यान रखें। यदि किशोरी बालिका स्वस्थ्य है, तो देश का भविष्य भी खुशहाल होगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती संध्या शिन्दें ने अपने उदबोदन में शासन की उदिता योजना के तहत माहवारी स्वच्छता के बारे जानकारी दी। वहीं सिनेटरी पैड का उपयोग करने के बारे में भी जानकारी दी। उन्होने बताया कि किशोरी बालिकाओं को खानपान व किशोर अवस्था के दौरान शारीरिक व मानसिक बदलाव आते है, शारीरिक परिवर्तन के अनुसार पोषण आहार की विशेष आवश्यकता होती है। खट्टे फल, हरी सब्जियां मौसमी फलों का भरपूर उपयोग करें। श्रीमती शिंदे ने सभी किशोरी बालिकाओं के लालिमा कार्ड व अमृत कार्ड भरवाए। शिविर में किशोरी बालिकाओं को हीमोग्लोबिन, बीएमआई व सिनेटरी नेपकिन के उपयोग के बारे में जानकारी भरी गई ये कार्ड किशोरी बालिका के पास रहेगा। जिसकी हर छह माह में जांच होगी और बच्चों के पोषण का स्तर जांचा जाएगा।

महिल़ा सशक्तिकरण अधिकारी श्रीममती शशिकांता नायक ने लाडो अभियान की जानकारी दी, जिसमें 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं और 21 वर्ष से कम उग्र के लडकों की शादी न हो, इसके लिए बालिकाओं को जागरूक करना एवं यदि होती है, तो इसमें सजा का प्रावधान है, जिसमें एक लाखा की राशि व दो साल की सजा भी हो सकती है। इसके अर्न्तगत विवाह में शामिल माता पिता परिवार जन और सुविधा प्रदान करने वाले जैसे हलवाई, केटरिंग टेंट आदि वालों को सजा का प्रावधान है।शिविर में विवेकानंद केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मजंरी प्रभात जोशी, वरिष्ठ चिकित्सा अधीकारी डॉ. दीपाली कयाल ने स्वास्थ्य संबधी विशेष जानकारी दी। वहीं चिकित्सालय की पैरामेडिकल स्टाफ कु. रश्मि रजक व कु. रंजना शुक्ला ने भी बालिकाओं को स्वास्थ्य संबधी जानकारी दी। कार्यक्रम में बीओआरएल के डिप्टी मैनजर सीएसआर श्री सायन चटर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

शिविर के सफल संयोजन में विवेकानंद केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय की टीम व महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक संगीता उपाध्याय, अनिमा पुष्पा कुजूर, अर्चना टेकाम प्रशसंनीय योगदान रहा। शिविर में ग्राम बिल्दई बुजुर्ग, मूंडरी, भांकरई डिमरौली बिरखेडी पार हडकल खाती, बम्हौरी केला, धनौरा पूरा, सरगौली, भिलावली, मुडिया कालूखेडी व आगासौद से करीब 136 बालिकाएं व करीब 35 सहायिका व कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में आभार डॉ. राजकुमार कयाल ने सभी का आभार व्यक्त किया

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