Skip to main content

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा पटना द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सफल युवा युवा भारत शिविर का आयोजन पटना नगर स्थित कमला नेहरु विद्यालय में किया गया, जिसमें पटना नगर के २१ शिविरार्थी तथा गया नगर से १० शिविरार्थी विभिन्न महाविद्यालयों से सम्मिलित हुए। १९ कार्यकर्ता सञ्चालन चमू में थे। शिविर की शुरुआत शाम ६:३० बजे भजन संध्या से हुई तत्पश्चात उदघाटन श्री राकेश कुमार,सफल व्यवसायी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया शिविर की विधिवत शुरुआत ३ जनवरी को ४:३० बजे जागरण से हुई तत्पश्चात ५:१५ प्रातःस्मरण इसके पश्चात योग वर्ग फिर गीता पाठ, श्रम संस्कार, श्रम परिहार फिर प्रथम दिन के प्रथम सत्र स्वामी विवेकानन्द साधारण से असाधारण व्यक्तित्व विषय पर मार्गदर्शन डा.प्रेमनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया।

द्वितीय व तृतीय दिन के प्रथम सत्र में क्रमशः संगठित युवा सफल भारत व कार्यकर्ता गुण व विकास पर उद्बोधन डा.डी. एस. पाण्डेय व् आदरणीय मुकेश भैया द्वारा दिया गया। तत्पश्चात स्वाध्याय वर्ग में क्रमशः साधारण से असाधारण बनने के गुण व चमू निर्माण पर मंथन शिवरार्थियों द्वारा प्रथम दिन व् द्वितीय दिन में किया गया। 12:30 बजे भोजन व 2:00 बजे गीत \मंत्र अभ्यास कराया गया। 2:30 नैपुण्य वर्ग में संस्कार वर्ग का प्रशिक्षण व् दुसरे दिन योग वर्ग का प्रशिक्षण दिया गया। 3:30 बजे चाय व 3:45 बजे द्वितीय सत्र में प्रथम दिन "भारत माता (भारतीय संस्कृति )" वव द्वितीय दिन "विवेकानंद केंद्र परिचय व् कार्य पद्धति" पर उद्बोधन क्रमशः डॉ. शिवचंद्र प्रसाद सिंह व प्रभात तिवारी द्वारा किया गया। 4:30 बजे संस्कार वर्ग में आज्ञा अभ्यास ,खेल ,कथाकथन ,जयघोष ,संकल्प आदि कराया गया। 6:30 बजे भजन संध्या व 7:15 पाथेय में क्रमशः सेवा की संकल्पना व आनंदालय विषय पर डॉ. डी.एस. पाण्डेय व मुकेश भैया का मार्गदर्शन मिला। 8:00 बजे भोजन व 8:45 बजे प्रेरणा से पुनरुत्थान में गीत, खेल, एकनाथ जी के संस्मरण, हनुमान चालीसा, आत्मावलोकन, गण बैठक के पश्चात् दिन की समाप्ति हुई। तृतीय दिन शिवरार्थियो द्वारा योग वर्ग में 108 सुर्यनमस्कार लगाए गए। आहुति सत्र मुकेश भैया द्वारा लिया गया। तत्पश्चात भोजन फिर समापन सत्र में स्वामी हरिनारायनानंद जी, अध्यक्ष,भारत सेवक समाज व कमला नेहरु विद्यालय की प्राचार्या डा.सुनीता प्रसाद ने अपने उदबोधन दिया। स्वामी हरिनारायनानंद जी ने कहा की हमारा शरीर पञ्च तत्वों से बना हुआ है। और यहाँ नष्ट होगा ही इसलिय इस तन से कुछ समाज की भलाई हो ऐसा कार्य करो। विद्यालय की प्राचार्या डा.सुनीता प्रसाद ने कहा ही के इतने युवा इस परिसर में 4 दिन तक रहे वहा भी अनुशाशन में यह मुझे विश्वास ही नहीं होता है। शिबिर के सराहन करते हुए उन्होंने कहा की आगे से जब भी आपको अवश्यक हो आप विधालय परिसर का उपयोग कर सकतें है।

शिविर में 10 शिवरार्थियो ने अल्पकालीन सेवाव्रत का संकल्प लिया व एक शिविरार्थी ने १ वर्षा के लिया पूर्ण समय देने का संकल्प लिया है। पटना तथा गया में विभिन्न स्थानों में संस्कार वर्ग ,स्वाध्याय वर्ग व् योग वर्ग की योजना भी बनाई गई। शिविर के शिवराधिकारी का दायित्व आदरणीय विकास जी, शिविर संरक्षक का दायित्व का निर्वहन डॉ. डी.एस.पाण्डेय,प्रान्त पर्व प्रमुख द्वारा किया गया। शिविर मार्गदर्शक का दायित्व आदरणीय मुकेश भैया व् शिविर प्रमुख का दायित्व प्रभात तिवारी द्वारा निर्वाहित किया गया।  इसके अलावा अलग-अलग कार्यकर्ताओं ने अलग –अलग कार्यो का निर्वहन किया। शिविर में शिवरार्थियो को चार गणों क्रमशः संस्कार वर्ग ,स्वाध्याय वर्ग ,योग वर्ग व आनंदालय वर्ग में बनते गए, जिसमें सभी गण में लगभग 8-8 शिवरार्थी सम्मिलित थे। शिविर के दौरान नगर समिति के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता व अधिकारीगण उपस्थित रहें, जिन्होंने शिविर के सफल संपादन में अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया।

Get involved

 

Be a Patron and support dedicated workers for
their YogaKshema.

Camps

Yoga Shiksha Shibir
Spiritual Retreat
Yoga Certificate Course

Join as a Teacher

Join in Nation Building
by becoming teacher
in North-East India.

Opportunities for the public to cooperate with organizations in carrying out various types of work