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स्वामी विवेकानन्दजी के विचारों को समाज जीवन में प्रसारित करने के लिए विवेकानन्द केन्द्र की ओर से देश के विभिन्न राज्यों में प्रकाशन विभाग कार्यरत हैं। इन प्रकाशन विभागों के द्वारा अनेक भाषाओं में साहित्य प्रकाशित किये जाते हैं। साथ ही Utility अर्थात उपयोगी उपहार वस्तुओं जैसे डायरी, कैलेंडर्स, पोस्टर्स तैयार किये जाते हैं।
इस क्रम में प्रस्तुत है अपने प्रकाशन विभाग का रिपोर्ट।
1) विवेकानन्द केन्द्र प्रकाशन ट्रस्ट (VKPT), चेन्नई (तमिलनाडु), जहाँ अंग्रेजी तथा तमिल भाषा में पुस्तकें प्रकाशित होती हैं।
2) विवेकानन्द केन्द्र हिन्दी प्रकाशन विभाग, जोधपुर (राजस्थान)।

Vivekananda Jayanati, Maharashtraश्री ज्ञानेश महाविद्यालय, नवरगांव, तहसील-सिंदेवाही (चंद्रपुर) में आयोजित स्वामी विवेकानन्द जयंती (राष्ट्रीय युवा दिन) के अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता लखेश्वर चंद्रवंशी ने ने कहा कि कोलम्बो से अल्मोड़ा तक सम्पूर्ण भारत का भ्रमण कर स्वामी विवेकानन्द ने अपने ओजस्वी वाणी से भारत को जगाया। स्वामीजी ने ही भारत को भारत से परिचित कराया। इसलिए विश्वकवि रविन्द्रनाथ ठाकुर ने कहा कि “भारत को जानना है तो विवेकानन्द का अध्ययन कीजिए।

Shri Eknathjiराष्ट्रकार्य करनेवालों के लिए स्वार्थ और मोह का त्याग अनिवार्य है : सरसंघचालक

एकनाथजी के जीवन से राष्ट्रकार्य की लें प्रेरणा : डॉ. भागवत   

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