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विवेकांनद केन्द्र कन्याकुमारी मध्य प्रान्त द्वारा महाविद्यालयीन स्थानों के गठन के उद्देश्य से युवा भारत नेतृत्व अभियान का नियोजन जुलाई 2022 में किया गया । प्रान्त समिति, विभाग समिति, नगर समिति और तकनीकी टोली की विभिन्न बैठकों के माध्यम से महाविद्यालय स्तर के 18-28 आयुवर्ग के 1028 युवाओं का पंजीयन कराया गया । पंजीयन के पश्चात आयोजित ऑनलाइन/ऑफलाइन परीक्षा में 602 प्रतिभागियों ने भाग लिया । परीक्षा से चयनित युवाओं को 7 दिवसीय सेवा कार्य नगर स्तर पर अथवा ऑनलाइन गतिविधि के माध्यम से दिए गए । उपरोक्त प्रक्रिया से चयनित मध्य प्रान्त (मध्य प्रदेश - छत्तीसगढ़) के कुल 66 जिलों से 363 युवाओं जिसमें 206 भाई और 157 बहनों ने युवा भारत नेतृत्व शिविर में भाग लिया । शिविर का आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, बिसनखेड़ी परिसर में किया गया ।

शिविर संचालन चमू के 53 सदस्यों ने आवास व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, जल-स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था आदि जिम्मेदारियों का निर्वहन किया । शिविर अधिकारी श्री मनोज पाठक, नगर प्रमुख भोपाल एवं शिविर प्रमुख, श्री मोहन चक्रवैश्य, विभाग प्रमुख जबलपुर रहे ।

 

प्रथम दिवस : 30 अक्टूबर 2022

युवा भारत नेतृत्व शिविर में प्रातः पंजीयन के पश्चात् भाइयों के 3 मंडलों और बहनों के 2 मंडलों के अंतर्गत कुल 23 गणों की रचना की गई । प्रत्येक गण में प्रशिक्षित कार्यकर्ता को गण प्रमुख बनाते हुए 15-18 युवा सदस्य रखे गए । उदघाट्न सत्र सप्तमातृका आश्रम महेश्वर के संत स्वामी समानंद गिरी जी के मुख्यआतिथ्य में हुआ । स्वामी जी ने उदघाटन सत्र में बताया कि प्रत्येक व्यक्ति में अंतर्निहित विकास करते हुए किस प्रकार विवेकानन्द केन्द्र युवाओं को राष्ट्रीयता के भाव से जोड़ रहा है । विवेकानन्द केन्द्र की प्रांतीय टोली से प्रान्त प्रमुख श्री भंवर सिंह राजपूत, प्रान्त सहसंचालक श्री रामभुवन सिंह कुशवाह, प्रान्त संगठक सुश्री रचना जानी दीदी, प्रान्त संपर्क प्रमुख श्री मनोज गुप्ता, सुरेश सोनी जी उपस्थित रहे ।

सायंकाल सत्रों में भजन संध्या एवं परिचय सत्र का आयोजन किया गया जिसमें व्यवस्था में लगी टोली के सदस्यों का परिचय शिविरार्थियों से कराया गया | विभिन्न क्रांतिकारियों के जीवन एवं कृतित्व पर संबंधित चित्र प्रदर्शनी का प्रदर्शन गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में किया गया ।

 

द्वितीय दिवस : 31 अक्टूबर 2022

प्रातः 5:00 बजे जागरण के पश्चात प्रातः स्मरण, केन्द्र वर्ग, श्रम संस्कार हुआ । मंथन सत्र गण सह आयोजित हुआ जिसमें "सेवा कार्य हेतु स्वयं में कौन से गुण हैं और किन गुणों का विकास करने की आवश्यकता है" विषय पर चर्चा की गई । बौद्धिक सत्र में रचना दीदी ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि कैसे हम स्वामी विवेकानंद जी के व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरणा लेकर स्वामी जी के युवा बन सकते है । चर्चा सत्र में महाविद्यालय स्थान को लेकर युवाओं के बीच चर्चा हुई कि केंद्र का कार्य विवेकानंद युवा फोरम के माध्यम से महाविद्यालय स्तर पर क्यों अनिवार्य है, इसे कैसे गठित किया जाएगा और प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों के दायित्व क्या होंगे । युवा संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रकवि श्रीकृष्ण सरल के पुत्र श्री धर्मेंद्र सरल एवं पोत्र श्री अभिषेक सरल जी ने राष्ट्रीयता के भाव में श्रीकृष्ण सरल जी के रचनात्मक सहभागिता पर अपने विचार रखे और उनके जीवन की जानकारियों, घटनाओं, संस्मरणों को साझा किया । युवा संवाद का संचालन भोपाल नगर युवा प्रमुख श्री जितेंद्र गुप्ता जी ने किया ।

संध्याकालीन शिविरार्थियों के लिए संस्कार वर्ग और भजन संध्या का आयोजन हुआ । प्रेरणा से पुनरुत्थान सत्र में स्वराज 75 वर्ष की थीम पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई, जिसमें विभिन्न क्रांतिकारियों की जीवनगाथा की झाँकी देखने मिली कि कैसे उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रर्पित किया ।

 

तृतीय दिवस : 1 नवम्बर 2022

प्रातः 5:00 बजे जागरण के पश्चात प्रातः स्मरण एवं केंद्र वर्ग का आयोजन हुआ । श्रम संस्कार के अंतर्गत परिसर की स्वच्छता, भोजन कक्ष, खेल मैदान, आवास व्यवस्था आदि में श्रम संस्कार के माध्यम से समुचित व्यवस्था बनाने का कार्य हुआ । अल्पाहार के उपरांत आत्मविष्मृति विषय पर युवाओं की मंडलस्तरीय चर्चा हुई जिसमें हमारे स्व तत्व के बारे में हम किस प्रकार हम आत्मविष्मृत हो गए हैं, युवाओं ने परस्पर अपने विचार रखें ।

बौद्धिक सत्र में माननीय निवेदिता दीदी का विषय प्रबोधन हुआ जिसमें दीदी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न चरणों में स्वराज 75 के अंतर्गत हुए क्रांतिकारी आंदोलनों का वर्णन करते हुए राष्ट्रबोध पर प्रकाश डाला । आत्म अनुभूति और आत्म शक्ति के बल पर कैसे कोई राष्ट्र खड़ा हुआ और कैसे अवनति से लेकर प्रगति तक कई स्तरों पर भारत के महापुरुष ने अपना योगदान दिया है । मानव का विस्तारित रूप व्यक्ति से समाज, समाज से राष्ट्र की ओर बढ़े यह प्रयास होना चाहिए । चर्चा सत्र में महाविद्यालय स्थान पर विवेकानंद यूथ फोरम का गठन और उनमें संचालित गतिविधियों का वर्णन पीपीटी के माध्यम से बताया गया । युवा संवाद कार्यक्रम में एचएसबीएल के CEO श्री मितेश लोकवाणी और भारत के यंगेस्ट फाल्कन जेट पायलट श्री पूर्णेन्दु सिंह उपस्थित रहे जिनके साथ केंद्र के कार्यकर्ता सौरभ डोंगरे ने विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से संवाद किया । अतिथियों के साथ व्यक्तिगत जीवन और व्यवसायिक जीवन में सफलता के आयामों पर चर्चा हुई और युवाओं की सहभागिता के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुए जिसमें शिविरार्थियों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दिखाई। संध्याकालीन संस्कार वर्ग हुआ, जिसमें शारीरिक की गतिविधि, खेल, गीत आदि हुए । भजन संध्या मैं बौद्धिक टोली ने भजन निर्माणषटक और केंद्र प्रार्थना के साथ सत्र का समापन किया । प्रेरणा से पुनरुत्थान सत्र में खेल हुए, एकात्मस्त्रोत और विवेकानंद शिला स्मारक के संस्थापक माननीय एकनाथ रानाडे जी के जीवन का संक्षिप्त वीडियो दिखाया गया । दैनिक सत्र के समापन पर दीप निमिलय के लिए निर्धारित स्थान पर शिविरार्थियों ने प्रस्थान किया ।

 

चतुर्थ दिवस : 2 नवम्बर 2022

प्रातःस्मरण के पश्चात स्वराज 75 की थीम को ध्यान में रखते हुए 400 युवाओं ने सामूहिक रुप से 75 सूर्य नमस्कार एक साथ किए । अलग-अलग विभागों से आए हुए युवाओं की विभाग के साथ बैठक हुई जिसमें परिचय, अनुभव कथन और आगामी करणीय कार्यों पर चर्चा की गई ।

शिविर समापन समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, विशिष्ट अतिथि माननीय निवेदिता भिड़े, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, श्री केजी सुरेश कुलपति माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, श्री किशोर टोकेकर, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव विवेकानंद केंद्र उपस्थित रहे | केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल जी ने बताया कि युवा को नेतृत्व कौशल का विकास करने के लिए अपनी दिनचर्या में विवेकानंद जी को अपनाना चाहिए | यदि हमें बुद्धि चाहिए है तो सुबह सूर्योदय के पूर्व उठना जरूरी है और आज की युवा आराम करना ज्यादा पसंद करते हैं इससे वह धन तो कमा लेंगे लेकिन बुद्धि की कमी रहेगी | उन्होंने कहा है कि देश में आज कई प्रकार की चुनौतियां है जिनका समाधान सिर्फ सरकार नहीं कर सकती, इसके लिए युवाओ को भी आगे आना होगा ।

पद्मश्री निवेदिता दीदी ने कहा कि किस प्रकार विवेकानंद शिला स्मारक का निर्माण हुआ है और विवेकानंद के सपने में युवाओं की भूमिका किस तरीके से है उन्होंने बताया कि युवाओं को केंद्र में जोड़ने से क्या फायदे हैं । इन्होंने चयनित युवाओं के बारे में कहा कि समाज और देश के हित में सदैव कार्य करना चाहिए तभी देश आगे बढ़ेगा । अंत में माखनलाल विश्वविद्यालय के कुलपति ने शुभकामनाएं संदेश सभी प्रशिक्षित विद्यार्थियों को दी उन्होंने बताया कि कैसे विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठान नई दिल्ली में देश का नीति निर्धारक रूप से कार्य कर रहा है । समापन सत्र में शिविरार्थियों की ओर से बहन हर्षिता एवं भाई उदय ने अनुभव शेयर किये |

समापन सत्र के उपरांत सभी शिविरार्थियों को उनके गणों की रचना के अनुसार प्रमाण पत्र वितरित किये गए | सामूहिक फोटोग्राफी के पश्चात् गण बैठक हुई जिसमें सभी ने अपने अपने फीडबैक / शिविर अनुभव कथन दिए | यातायात की निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप अच्छे अनुभवों के साथ महाविद्यालयीन विद्यार्थियों नें अपने गृहनगर को प्रस्थान किया |

शिविर अनुवर्तन के लिए विवेकानन्द केन्द्र, मध्य प्रान्त के अंतर्गत सभी विभाग प्रमुखों को शिविरार्थियों की सूची प्रदान की गई | युवा भारत नेतृत्व शिविर 2022 आशानुकूल संपन्न हुआ | हम संगठित प्रयासों से राष्ट्रकार्य में कार्यरत होंगे ऐसी शुभकामना के साथ शिविर रिपोर्ट प्रस्तुत है |

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